बिज़नेस टायकून रॉनी रॉड्रिग्स ने हॉप किचन एंड बार में नाबालिगों को परोसी गई अवैध शराब का किया खुलासा मुंबई की नाइटलाइफ़ में बढ़ते कानून उल्लंघनों पर त्वरित पुलिस कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की माँग
- ssoni43
- Oct 22, 2025
- 3 min read


Mumbai
मुंबई की नाइटलाइफ़ सर्किट में हड़कंप मचाने वाला एक बड़ा खुलासा सामने आया है। पर्ल ग्रुप ऑफ कम्पनीज़ के सीएमडी, समाजसेवी और परोपकारी बिज़नेस टायकून रॉनी रॉड्रिग्स ने अंधेरी वेस्ट, लोखंडवाला स्थित हॉप किचन एंड बार में नाबालिग लड़कियों को अवैध रूप से शराब परोसने के सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश किया है।
यह घटना कथित तौर पर 16 अक्टूबर की रात की है, जिसने इस बात पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर कैसे कुछ बार खुलेआम एक्साइज और सेफ़्टी नियमों का उल्लंघन करते हुए संचालन जारी रखे हुए हैं, जबकि अधिकारी आँखें मूँदकर बैठे हैं।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, दो नाबालिग लड़कियों को बिना किसी आयु सत्यापन (age verification) के वोडका परोसी गई। शराब पीने के थोड़ी देर बाद ही दोनों की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें तत्काल कूपर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
मुंबई स्थित अपने ऑफिस में मीडिया से बातचीत के दौरान रॉनी रॉड्रिग्स ने इस घोर लापरवाही और पुलिस जांच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए।
“15 साल की लड़की को वोडका परोसना सिर्फ गैरजिम्मेदाराना नहीं, बल्कि अपराध है। और उससे भी बड़ा अपराध है एफआईआर से छेड़छाड़ करना। रिपोर्ट में बीयर लिखा गया है, जबकि बिल पर साफ-साफ वोडका दर्ज है। घटना 16 अक्टूबर की रात की है, लेकिन एफआईआर की तारीख 15 अक्टूबर डाली गई है। यह सीधा-सीधा मामले में हेराफेरी को दर्शाता है,” — रॉनी रॉड्रिग्स ने कहा।
उन्होंने आगे कहा कि एफआईआर में बार के मालिक, मैनेजर या स्टाफ के नाम तक नहीं लिखे गए हैं, जिससे मामला अधूरा और संदिग्ध बन जाता है।
जब वीडियो में साफ दिख रहा है कि वोडका परोसी गई थी, तो रिपोर्ट में कुछ और क्यों लिखा गया है? आखिर दोषियों को बचाने की कोशिश क्यों की जा रही है?” — उन्होंने सवाल उठाया।
रॉनी रॉड्रिग्स ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ बार पुलिस और एक्साइज अधिकारियों की मिलीभगत से “हफ्ता” देकर अपने अवैध धंधे को जारी रखे हुए हैं। उन्होंने ओशिवारा पुलिस स्टेशन और एक्साइज विभाग से स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की माँग की, जिसमें किसी भी बाहरी दबाव का असर न हो।
उन्होंने आगे एक और खुलासा करते हुए कहा कि मेट्रो बार एंड रेस्टोरेंट, जो उसी इलाके में स्थित है, बिना वैध लाइसेंस के संचालित हो रहा है।
“यह लोग एक ही लाइसेंस पर दो जगह बार चला रहे हैं और नजदीकी वाइन शॉप से शराब खरीदकर बेच रहे हैं। मैंने दो महीने पहले इसकी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई,” — उन्होंने बताया।
रॉनी रॉड्रिग्स ने कानून व्यवस्था में दोहरे मापदंडों पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा:
“गरीब ठेलेवाले को छोटा-सा उल्लंघन करने पर जुर्माना भरना पड़ता है, जबकि ये बार नाबालिगों को शराब परोसते हैं और सुबह 5 बजे तक खुले रहते हैं, जबकि बंद करने का समय 1:30 बजे रात का है। क्या अधिकारी जानबूझकर इन पर कार्रवाई नहीं कर रहे, या सिस्टम के भीतर कुछ और सड़ रहा है?”
उन्होंने बताया कि उन्होंने इस मामले में 9 अगस्त और फिर 18 अगस्त को लिखित शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
यह सिर्फ एक बार का मामला नहीं है, बल्कि यह हमारे युवाओं की सुरक्षा और सिस्टम पर जनता के भरोसे की बात है। नाबालिगों को शराब परोसना गंभीर अपराध है, और चाहे वह बार का मालिक हो या कोई अधिकारी — सभी को कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए,” — उन्होंने दृढ़ता से कहा।
रॉनी रॉड्रिग्स के इस खुलासे के बाद मामला अब मीडिया और जनता दोनों के बीच गर्म हो गया है। अब प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है कि वह सीसीटीवी फुटेज जब्त करे, लाइसेंस रद्द करे, और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में कोई भी संस्था ऐसी लापरवाही करने की हिम्मत न जुटा सके।
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