*कैट और एआइसीपीडीएफ के प्रयत्नों को मिली सफलता एफएमसीजी कंपनियों ने अपने छोटे पैकेजिंग वाले प्रोडक्ट्स को क्विक कॉमर्स पर बेचना बंद करने का लिया फैसला*
- ssoni43
- Jan 21, 2025
- 3 min read
Llp*छोटे दुकानदार एवं वितरकों के लिए राहत भरी खबर : शंकर ठक्कर*
Mumbai
कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने बताया पहले ई-कॉमर्स और बाद में क्विक कॉमर्स के माध्यम से किराना एवं वितरको द्वारा उपभोक्ताओं को बेचे जाने वाले उत्पाद को बेचे जाने से छोटे दुकानदार एवं वितरकों का व्यापार छीना जा रहा था जिसके चलते पिछले कुछ वर्षों के दरमियान देश के अंदर लाखों दुकाने बंद हो गई और दुकानदार बेरोजगार हो गए इस विषय को कैट और एआईसीपीडीएफ (ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूशन फेडरेशन) ने सरकार एवं देश की एफएमसीजी कंपनियों को अवगत करा कर छोटे दुकानदार एवं वितरकों को का व्यापार बचाए रखने के लिए उचित निर्णय लेने का आग्रह किया था ।
कैट एवं अन्य संगठनों की मांग पर देश की दिग्गज एफएमसीजी कंपनियों ने छोटे दुकानदारों को राहत देने के लिए अपने छोटे पैकेजिंग वाले प्रोडक्ट्स को क्विक कॉमर्स पर बेचना बंद करने का फैसला लिया है। इस फैसले पीछे का सबसे बड़ा कारण छोटे दुकानदारों का काम आसान करना है। ये कंपनियां क्विक कॉमर्स के लिए अलग-अलग कीमतों पर पैक लॉन्च करेगी, जिसके लिए काम शुरू कर दिया गया है।
क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे ब्लिंकिट, जेप्टो आदि पर लोगों को खाने-पीने की हर सामान बड़ी आसानी से मिल जाता है। इससे एक ओर जहां ग्राहकों को साहुलियत मिल जाती है। वहीं, दूसरी तरफ छोटे व्यापारियों को नुकसान होता है। इसी को देखते हुए एफएमसीजी कंपनियों ने एक बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले से छोटी दुकानदार और व्यापारियों काफी मदद मिलेगी। दरअसल, एफएमसीजी कंपनियों जैसे हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी, पारले प्रोडक्ट्स और अदानी विल्मर आदि ने अपने छोटे पैकेजिंग वाले प्रोडक्ट्स को क्विक कॉमर्स पर बेचना बंद कर देगी। इस फैसले पीछे का सबसे बड़ा कारण छोटे दुकानदारों का काम आसान करना है। ये कंपनियां क्विक कॉमर्स के लिए अलग-अलग कीमतों पर पैक लॉन्च करेगी।
रिपोर्ट्स के अनुसार पारले ने क्विक कॉमर्स के लिए पारले-जी, हाइड एंड सीक, क्रैक जैक और मोनाको जैसे बड़े ब्रैंडों के अलग-अलग पैक लॉन्च किए हैं। इसकी कीमत 50-100 रुपये है। वहीं, 30 रुपये तक की कीमत वाले छोटे बिस्कुट पैक केवल किराना दुकानों पर मौजूद होंगे। रिलायंस और डी मार्ट से लोग एक महीने या बल्क में समान ले जाते है ऐसे में यहां 120-150 की कीमत वाले पैक बेचा जाएगा। पारले के मुताबिक क्विक कॉमर्स ज्यादातर किराना दुकानों के लिए छोटे पैक बना रहा है। इससे किराना बिजनेस के साथ टकराव पैदा हो रहा था। इसलिए, इसके साथ टकराव से बचने के लिए क्विक कॉमर्स के लिए इन अलग-अलग पैक को शुरू करने का फैसला किया।
आईटीसी ने एंगेज परफ्यूम, सेवलॉन हैंड वॉश और मंगलदीप अगरबत्ती सहित कई बड़े ब्रैंडों के लिए अलग-अलग क्विक कॉमर्स पैक लॉन्च किए हैं। देश की सबसे बड़ी पैकेज्ड फूड तेल कंपनी, अदानी विल्मर, खाना पकाने के तेल और दालों जैसे स्टेपल दोनों के लिए क्विक कॉमर्स के लिए एक अलग ब्रांड लॉन्च करने जा रही है। वहीं, हिंदुस्तान यूनिलीवर ने भी अलग-अलग पैकेज तैयार करना शुरू कर दिया है। अडानी विल्मर के चीफ एग्जीक्यूटिव ने कहा कि क्विक और बाकी ईकॉमर्स के लिए एक अलग ब्रैंड की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इसकी कीमत किराना दुकानों में बिकने वाले पैक से थोड़ी अधिक होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि क्विक कॉमर्स से खरीदारी करने वाले कस्टमर बेहतर स्थिति में होते है।
*शंकर ठक्कर ने एफएमसीजी कंपनियों द्वारा लिए गए इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा इससे छोटे दुकानदार एवं वितरकों को फायदा होगा और उनका व्यापार बचाया जा सकेगा जिससे सालों से इसी व्यापार पर निर्भर व्यापारी बेरोजगार होने से बच जाएंगे।*
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