*पहलगाम से पहले जब बॉलीवुड बनता था देश की आवाज़*
- ssoni43
- May 16, 2025
- 1 min read

एक वक्त था जब बॉलीवुड सिर्फ फिल्में नहीं बनाता था, वह देश के जज़्बातों का चेहरा था। 1962 और 1971 की जंगों के दौरान राज कपूर, नरगिस, मनोज कुमार, लता मंगेशकर जैसे सितारे देशभर में राहत शो करते थे, फंड जुटाते थे और लोगों में जोश भरते थे। उस दौर में बॉलीवुड परदे के पीछे नहीं, सबसे आगे खड़ा था।
लेकिन अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद, जिसमें 26 लोगों की जान गई, बॉलीवुड की चुप्पी चुभने वाली थी। कुछ गिने-चुने पोस्ट हुए, मगर न कोई एकजुटता दिखी, न दिल से कोई आवाज़ उठी।
पत्रकार सोनल कालरा ने अपने शो द राइट एंगल में, जो गौतम ठक्कर फिल्म्स द्वारा प्रोड्यूस किया गया है, इस चुप्पी पर ध्यान दिलाया और बताया कि आज का बॉलीवुड राष्ट्रीय संकटों के समय पहले जैसा मुखर नहीं रहा।
कभी बॉलीवुड बिना कहे खड़ा हो जाता था। आज जब देश उम्मीद की तरफ देख रहा है, तो ये चुप्पी अजीब सी लगती है। और शायद कहीं ना कहीं, वो इंडस्ट्री जो हकीकत, बॉर्डर और रोजा जैसी फिल्में देती थी, अब सिर्फ बोलने से भी हिचक रही है।
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